Wednesday, February 3, 2016

3 फरवरी 2016

आज सुबह 8:20 पर उठा अकबर पढ़ा तथा 10 बजे तक तैयार होने की तैयारी की, फिर
आज नन्नू चाचा आने वाले थे
सुबह ही टाटा स्काई वाला भी आ गया ,  उसको वापस भेजा ,कल आने के लिए बोला , फिर 12 बजे नहाया, खाना खाया , पापाजी को फ़ोन करके कल महनोत सर से हुयी बात के बारे में बताया ,फिर नन्नू चाचा से भी डिस्कस किया, उन्हीने भी हाँ कर दी, बर्जर पेंट भारत की 2सरी सबसे बड़ी पेंट कंपनी है, विचार बन रहा है,
फिर महनोत सर से बात की , उन्होंने c.v.,भेजने के लिए तो कहा पर 13 तारिख के बाद ही बॉस के द्वारा बात करने को बताया, फिर मैंने C.V.तैयार किया ,2:30 बजे हम छोटी चोपड़ा पॉपुलर प्रकाशन के पास गए, वहां राजेंद्र जी भरद्वाज से काफी देर तक बातें हुयी  फिर राजस्थान ब्लॉक गए ,वहां से बुक बाइंडिंग वाले के गए उससे फिर आर्यन एजेंसी और वेलकम प्रिंटर के गए  कॉपी की रेट आदि पता की, फिर नाश्ता किया और घर आ गए करीब 7 बजे, फिर नन्नू चाचा खाना खा के 8 बजे रावण हुए, उसके बादमैं रचित के मित्र के लैपटॉप से मूवीज लेने लगा, फिर 9 बजे मूवी देखना शुरू किया फिर सोनी से बात हुयी 10:30 बजे तक  ,आज उसकी तबियत ठीक है, जयपुर आने या बिजयनगर जाने को लेकर बात हुयी, फिर 2-3 मूवीज देखि, और अब 1 बजे सो रहा हूँ।

2 फरवरी 2016

सुबह 5:30 बजे ही उठ गया था,फिर आज करीब 2 घंटे तक जग रहा, 7:30 बजे तक
गिनेस बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड के बारे में रिसर्च की, फिर डॉ पुनीत द्विवेदी के बारे में भी जानकारी मिली मैं भी कुछ कुछ ऐसा ही करना चाहता हु
जैसे entrepreneurshio,startup,skill india,motivator,author  आदि मेरे रूचि के विषय हैं परंतु अभी कुछ वित्तीय समस्याओं से परेशां हु, ये सुलझ जाए तो इन पर दिमाग लागू करें, बिज़नस आईडिया के मामले में भी अभी बहुत हिम्मत की जरूरत है , और ऑनलाइन पेंट के बारे में भी आईडिया आया, तैयार होकर नाश्ता किया 11 बजे पापाजी को स्टेशन छोड़ने गया वो आज कुचामन जा रहे थे, 1 बजे तक स्टेशन ही खड़े रहे , पापाजी स्कूल और बी,एड कॉलज के बारे में आईडिया डिस्कस कर रहे थे, फिर 1:20 पर ट्रेन गयी , मैं घर आया, आके 2:30 बजे से 4 बजे तक सो गया, फिर मार्किट गया, जूस पिया और बर्गर खाया फिर सन्देश के बैठ ग्रॉफर्स से किराना आर्डर  के बारे में काम करने लगा फिर सुदर्शन से बात हुयी वहां गया, काफी देर तक बैठ,बातें हुयी, अगले महीने गोआ जाने का प्रोग्राम है उन लोगों का , देखेंगे
फिर वापस आते हुए किरण लेने रुका, वहां अजय महनोत सर मिले ,जो बर्जर में है, उन्होंने पुछा क्या कर रहे हो, मैंने कहा asian तो छोड़ दी फिर रियल एस्टेट का काम किया था अब कोई नयी प्लानिंग में लगे हुए हैं , उन्होंने इजी वे में कहा अगर नौकरी करना चह्यमते हो तो बर्जर में वेलकम है, मैंने कहा सोच के बताऊंगा, फिर एमिटी का एक जूनियर मिला घर आये,आकर खाना बनाया,खायाफिर, नीना से भी जॉब ऑफर  के बारे में डिस्कस किया उसने पॉजिटिव रिस्पांस दिया, सोनी से बात हुयी उसको भी जॉब के बारे में बताया, उसने कहाँ बिज़नस के साथ साथ अगर हो सके तो कर लो,फाइनेंसियल स्थिति ठीक रहेगी, फिर मम्मी से बात हुयी, उन्होंने भी अवसर को पकड़बे की बात कही, मैंने दोनों से कहा ,सुबह बात करेंगेफिर रामायण देखि और करीब 12:30 बजे सो गए

1 फरवरी 2016

सुबह 8:30 बजे उठा, निन्न आने वाली थी , नाहा धो के तैयार हुए, फिर खाना खाया, बिनायनगर से लेकर आई थी निन्ना के साथ राधिका भी आई थी, उन दोनों ने मिल कर घर जमाया और सफाई की, 3 बजे मैं और पापाजी वैशाली और चित्रकूट का चक्कर लगा आये,पिंकी मौसी और नन्नू चाचा की सालगिरह थी तो विश की ,  कार्ट्स को लगाने को लेकर भी  डिस्कशन हुआ, फिर शाम को खाना बनाया बैंगन की सब्ज़ी और खाना खा के पंकज के घर अशोक देखने गए, फिर आके मैंने सोनू से बात की और रात को रामायण देखि ,करीब 12 बजे सोया।

31 जनवरी 2016

सुबकह 8:30 बजे उठे  आज मकान खली करना था सुबह से तैयारियों में लग गए, सामान जमाया आदि किया फ़ी करीब 3 बजे टेम्पो बुलाया 1 घंटे समान भरा ऑफ 4:30 बजे शिफ्ट कर लिया, 5:30 बजे सन्देश आया थोडे  घूमे ,  फिर पापाजी ने खाना बना दिया खाना खाया और रात को 9 बजे अख़बार छपवाने गए अख़बार छपवा के करीब 12 बजे बस में रखवाया और आके  घूम के आये, से बात हुयी , और करीब 1 बजे  रामायण देख के सो गए।

30 जनवरी 2016

सुबह वैसे तो 6 बजे उठ गया था पर फिर 7 बजे तक जागने के बाद, करीब 7 :30 बजे फिर नींद आ गयी, फिर 9:30 बजे उठा, उठ के नाहा के तैयार होक पूजा की, नाश्ता किया, फिर 12 बजे पापाजी और मैं वैशालीनगर गए, वहां पर पंकज के घर गए उससे मिले, फिर रंगोली गार्डन और चित्रकूट स्टेडियम पर गए, अल्पाहार के लिए लोकेशन देखने, फिर 3 बजे मकान मालिक से मिलने का प्रोग्राम था तो वहां गए, उन्हें 10 चेक दिए , 10000 रु दिए ,एग्रीमेंट पर साइन किया, फिर मकान की चाभी ली,पापाजी को मकान दिखाया, मकान मालिक ईश गंभीर और उनके मित्र नरेन्द्रजी रावत केसाथ चाय पी, और फिर वापस मानसरोवर आये, 1-2 दी। में मकान शिफ्ट करना है, आते ही सब्ज़ी खाना बनाना प्रारम्भ किया, मैं भी यौरस्टोरी में आर्टिकल पढ़ें, फिर 8 बजे खाना खाया, फिर मैं और पापाजी व्यापर के बारे में विचार विमर्श करने लगे,कैसे होगा,क्या होगा आदि, फिर 10 बजे के आस पास सोनी से बात की 10:15 तक , अब 3 दिनों की दिनचर्या लिखी सुबह जल्दी उठ के मकान शिफ्ट करेंगे।
शुभ रात्रि