सुबकह 8:30 बजे उठे आज मकान खली करना था सुबह से तैयारियों में लग गए, सामान जमाया आदि किया फ़ी करीब 3 बजे टेम्पो बुलाया 1 घंटे समान भरा ऑफ 4:30 बजे शिफ्ट कर लिया, 5:30 बजे सन्देश आया थोडे घूमे , फिर पापाजी ने खाना बना दिया खाना खाया और रात को 9 बजे अख़बार छपवाने गए अख़बार छपवा के करीब 12 बजे बस में रखवाया और आके घूम के आये, से बात हुयी , और करीब 1 बजे रामायण देख के सो गए।
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