सुबह 8:30 बजे उठा, निन्न आने वाली थी , नाहा धो के तैयार हुए, फिर खाना खाया, बिनायनगर से लेकर आई थी निन्ना के साथ राधिका भी आई थी, उन दोनों ने मिल कर घर जमाया और सफाई की, 3 बजे मैं और पापाजी वैशाली और चित्रकूट का चक्कर लगा आये,पिंकी मौसी और नन्नू चाचा की सालगिरह थी तो विश की , कार्ट्स को लगाने को लेकर भी डिस्कशन हुआ, फिर शाम को खाना बनाया बैंगन की सब्ज़ी और खाना खा के पंकज के घर अशोक देखने गए, फिर आके मैंने सोनू से बात की और रात को रामायण देखि ,करीब 12 बजे सोया।
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