आज सुबह बहुत देर करीब 9 बजे उठा ,गहरी नींद आ गयी थी ,फिर उठ के नाहा धो के तैयार होकर करीब 11 बजे बैठ आज नन्नू चाचा का फोबे मंगवाया था स्नैपडील से वो आने वाला था तो उसके इंतज़ार में बैठा रहा फिर 12 बजे फ़ोन आया, 1 बजे निकला ,2 बजे की बस में रखवाया, फिर वैशाली आया, करीब 2 घंटे तक इंटरनेट सर्फिंग करता रहा, पर स्पीड नहीं आ रही थी, ऑनलाइन पेंट का बीही आईडिया मेरे दिमाग में आज सुबह आया था, US में एक कंपनी काम कर रही है उसके बारे में स्टडी की,paintzen,on demand painter उपलब्ध करवाती है, फिर सन्देश के साथ उसके चित्रकूट वाले घर गए,काफी देर तक बातें की,फिर कॉफ़ी पीने गए, वहां अल्पाहार को पुनः शुरू करने पर बातचीत हुयी, फिर 6-7 बजे वापस आये, पापाजी और रचित 8 बजे तक पहुचने वाले थे तो उनका इंतज़ार करना था , 200 फ़ीट गया 8 बजे पापाजी और रचित आये, फिर हम घर आये, तैयार होकर उबेर बुक करवाई, आगरा रोड स्थित हीरालाल जी की बच्ची की शादी में गए, वहां शशि दीदी से ,विक्की आदि से मुलाकात हुयी, वहां से 11:30 बजे निकले ओला बूम करवाई, 12 बजे घर पहुचे ,फिर करीब 1 बजे सोये।
Saturday, January 30, 2016
28 जनवरी 2016
सुबह 8:30 बजे उठा , उठ के नाहा धो के तैयार होकर पूजा वगेरह करके करीब 11 बजे मानसरोवर इंडस्ट्रियल एरिया में गया वहां पर स्ट्रीटजम्पर के ऑफिस गया ,वह पता चला की वो बंद हो चुकी है , फिर राजीव जी को फ़ोन करके उनके घर खातीपुरा,झोटवाड़ा गया वैसे आज स्टार्टअप ओएसिस जाने का इरादा था पर राजीव जी से भी मिलना था तो वहां करीब 1 बजे पंहुचा, काफी देर बैठा, बिज़नस आईडिया पर बातें हुयी जिसमे ओन लाइन ग्रोसरी,डील्स ,सब्ज़ियाँ आदि की चर्चा हुयी उन्होंने भी इन्वेस्टमेंट में रुचि दिखाई, मैंने कहा की पहले मैं संतुष्ट हो जाऊं फिर देखते हैं,
फिर मनीष शर्मा के ऑफिस गया, काफी बढ़िया ऑफिस सेटअप कर लिया है उसने 50 लाख रु लगा के 12 बन्दों को रोजगार देकर पर्यावरण कंसल्टेंसी का काम शुरू किया है, बहुत बढ़िया लगा, काफी प्रेरणा मिली उससे, फिर 4 बजे उसके साथ झालाना गया, वहां पर काफी देर तक बैच के दूसरे बन्दों के बारे में बातचीत चलती रही, फिर विशाल विर्क के ऑफिस गए, 1 घंटे तो फालतू बैठे , उसका भी टर्नओवर 80 लाख पहुच गया है, देख कर अच्छा लगा, फिर विशाल के साथ चाय पी, और पुराणी यादें ताजा की, फिर मनीष के साथ वापस खातीपुरा आया करीब 8 बज गए थे, फिर ब्रोकर को यक बैलेंस अमाउंट दिया करीब 3000 रु, 30 को मकान मालिक से मीटिंग है, फिर उसी से काफी देर तक चर्चा छिड़ गयी , मंदी, इंटरनेट कारोबार आदि बातों को लेकर , 9:15 पर फ्री हुआ , फिर खाना खाया और 10:30तक घर आया, आतेही सोनू से काफी देर तक बातें हुयी ,फिर रामायण देखकर करीब 12 बजे सो गया।
Wednesday, January 27, 2016
27 जनवरी 2016
सुबह 7 बजे नींद खुल गयी थी पर 8 बजे तक जागने के बाद वापस सो गया
फिर करीब 9:30 बजे उठा
नाहा धो के तैयार होकर पूजा की, गीत का पाठ किया,इस दौरान लक्ष्य के कुछ सीने देखे, और जिंदगी मिलेगी न दोबारा के भी, नाश्ता किया, करीब 1 बजे निकले, jkk में नीना की प्रदर्शनी देखि , फिर वहां से 1:30 बजे निकल के नीना को स्टेशन छोड़ा बिजयनगर जा रही थी , फिर मैं Crossword बैठा ,वहां पे कुछ बुक्स देखि
*the secret ka visualisation
* reboot india nandan nilekani.
* big data
* business book
* millionaire book. बेजान दारूवाला की ज्योतिष की बुक खरीदी भी
फिर वडा पाव खाया , जूस पिया और वैशाली आया, सन्देश के ऑफिस बैठा, थोड़ी देर में फिर कॉफ़ी पी, पोखरना के बारे में बात हुयी,फिर उसका मकान देखने गए,फिर करेब 8 बजे वहां से निकला, पानी पूरी खायी, दाल रोटी पैक कराई, घर आया आके फ्रेश हो के खाना खाया और खर्चे का हिसाब लगाया, जैयर रहने के लिए पेर्सोनक 37000 रु चाहिए, कार्ट लगाने पर भी हिसाब लगाया, बाकी पापाजी आएंगे तब देखेंगे।
10 बजे सो गया था फिर सोनू ने वापस उठा दिया उससे बात भी की वो 29 जन को चित्तोड़ जाने की बोल रही है, ,अब 2-3 दिन की दिनचर्या लिख कर आज की भी लिझ कर अब 12:30 बजे सोऊंगा।
26 जनवरी 2016 गणतंत्र दिवस
आज सुबह करीब 7 बजे उठ गए आज गणतंत्र दिवस है। सुबह से ही मोबाइल पर बधाई सन्देश टाइप करने में लगे रहे, फिर करीब 8 बजे निचे गए ,फिर 9 बजे पापाजी को ट्रेन पर छोड़ने गया, वापस आया ,फिर गणतंत्र दिवस की परेड देखि, फिर अख़बार में आई एक अशुद्धि की और ध्यान गया, उस पर चर्चा हुयी फिर करीब 11 बजे स्थान बाजार गया, कैमरा लिया, और 1 बजे जयपुर के लिए रवाना हुआ, फिर सुनील जी नहर की गाडी ने नसीराबाद छोड़ा, वहां से रोडवेज बस मिली
करीब 4 बजे जयपुर पंहुचा, आते ही ब्रोकर को फ़ोन किया,उसने बताया की वो मकान जो पहले पसंद किया था ,उसके मकान मालिक ने अपने किसी जानकर को दे दिया है, ओअर एक और फ्लैट है वो ले लो, मैंने रचित को बुलाया उसको सोडाला छोड़ा और फटाफट ब्रोकर के पास गया, वहां से फ्लैट देखा, अक्षरधाम के पास 3 bhk फ्लैट था, जो करीब 10k किराया बताया, पापाजी और मम्मी से बात हो गयी मकान मालिक जेटली सर का मिलने वाला निकल गया, उसने जैली सर से बात भी कर ली, फिर pdc को लेकर डिस्कशन हुआ, ऑफिस को लेकर डिस्कशन हुआ फिर मामला done हो गया,
ब्रोकर के थ्रू 11000 रु advance दिए बाकी का 30 को देने की बात तय हुयी, फिर वापस घर आये खाना खाया, और सोनू से बात हुयी, फिर 11:30 बजे सो गए
25 जनवरी 2016
सुबह 9:30 बजे उठा क्योंकि रात को 4 बजे सोया था
फिर नाहा के तैयार हो के करीब 10:30 तक पैदल ही स्थान बाजार के लिए निकला, फिर थोड़ी देर सनी के यहाँ रुका, कैरियर की बातें की, फिर घडी ली, और फिर ललित के पापा के यहाँ रुकता हुआ ,ललित लंदन चला गया है, उसके पाप बता रहे थे की उसका वहां 4.5 लाख महीना पैकेज है, खैर उनकी बातें सुनकर आया, आके थोड़ी देर सारे एड अभी तक के सब एडिशन के की लिस्ट बनायीं, फिर थोड़ी देर नेट सर्फिंग की, शाम को नन्नू चाचा के लिए फ़ोन लेना था उसकी रिसर्च करते रहे, फिर माइक्रोमैक्स का कैनवास जूस2 पसंद आया, और बुक करने पर सहमति बनी, फिर घर गए करीब 8 बजे, मैं सोनू को लेकर वापस आया, उसको कोई काम था, फिर फैक्ट्री से दूध लिया, थोड़ी देर मोबाइल सर्फिंग की , फिर उसको लेकर बाजार से कुछ खरीदारी की और वापस आये, आकर खाना खाया, थोड़ी मस्ती की , और करीब 12 बजे सो गए।कल जयपुर जाना है।
24 जनवरी रविवार
आज सुबह करीब 7 :30 बजे उठा
नाहा धो के तैयार हो के करीब 9 बजे निचे आया,आते ही नाश्ता किया,गरम गरम समोसे, फिर 10 बजे ऑफिस पहुचे जहाँ पे रणजीत हमारा इंतज़ार कर रहा था, फिर अख़बार की कार्यवाही प्रारम्भ की आज सबसे ज्यादा एड थे इसलिए काफी टाइम लगा,
न्यूज़ कम थी और एड करीब 27 थे, इसलिए शाम के 6 बज गए , फिर सारा काम ख़त्म करने में करीब 7:30 बज गए,फ़ाइल सेंडिंग की , आज नन्नू चाचा ने ज्यादा सपोर्ट नहीं किया क्योंकि उनका फ़ोन ग़ुम हो गया था
फिर भी जैसे तैसे काम हो ही गया,
फिर करीब 9 बजे तक मैं वहीँ बैठ रहा और फाइल्स सेंड और jpg file बनाता रहा।
फिर 9:40 पर घर गया, खाना खाया और ऊपर आये रचित से संपर्क में रहा, अख़बार भेजने वाला था, फिर उसने 12 बजे भेजा, जो 3:30 बजे आने वाला था ,थोड़ी देर मोबाइल चलाया और करेब 12:30 बजे सो गए। रात को 3:30 बजे अख़बार लेने गया,वापस आया और 4 बजे फिर से सो गया।
22 जनवरी शुक्रवार
सुबह 7 बजे उठा गया, सुबह से आज टेंशन हो गयी थी भविष्य को लेकर,बहुत सारे विचार मन में उमड़ घुमड़ रहे थे, बहुत ज्यादा परेशां हो रहा हूँ
खैर नाहा के तययर होकर सोनू और पिंकी मौसी को हॉस्पिटल छोड़ा, फिर टेलीफोन एक्सचेंज से सिम लेकर आया ,उन दोनों को घर छोड़ा, फिर खाना खाया, फिर वापस स्थान बाजार गया, जातेही एड इकट्ठे करने का काम मिल गया, पहले वात्सल्य स्कूल,वंडर सीमेंट , और अलोक कुमावत, सर्कस वाले से मिले ,आते समय सर बहुत तेज दुःख रहा था फिर भी केशव वाले ब्रिजराज सर से मिले, घर आके लिस्ट बनायीं , और फिर कुछ लोगों से बात की, फिर गाडी वाश के लिए दी, फिर लेने गया, घर आया और खाना खाया बजरे का खिचड़ा, फिर कमरे में आया और बची थे सीक्रेट देखि देखते देखते नींद आ गयी , फिर उठे उठ कर कार्यक्रम किया और करीब 12 बजे सो गए।
शुभ रात्रि ।