सुबह 7 बजे उठा गया, सुबह से आज टेंशन हो गयी थी भविष्य को लेकर,बहुत सारे विचार मन में उमड़ घुमड़ रहे थे, बहुत ज्यादा परेशां हो रहा हूँ
खैर नाहा के तययर होकर सोनू और पिंकी मौसी को हॉस्पिटल छोड़ा, फिर टेलीफोन एक्सचेंज से सिम लेकर आया ,उन दोनों को घर छोड़ा, फिर खाना खाया, फिर वापस स्थान बाजार गया, जातेही एड इकट्ठे करने का काम मिल गया, पहले वात्सल्य स्कूल,वंडर सीमेंट , और अलोक कुमावत, सर्कस वाले से मिले ,आते समय सर बहुत तेज दुःख रहा था फिर भी केशव वाले ब्रिजराज सर से मिले, घर आके लिस्ट बनायीं , और फिर कुछ लोगों से बात की, फिर गाडी वाश के लिए दी, फिर लेने गया, घर आया और खाना खाया बजरे का खिचड़ा, फिर कमरे में आया और बची थे सीक्रेट देखि देखते देखते नींद आ गयी , फिर उठे उठ कर कार्यक्रम किया और करीब 12 बजे सो गए।
शुभ रात्रि ।
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