15 जनवरी
सुबह 7:30 बजे उठे
आज मकर संक्रांति का महापर्व था और सूर्यनमस्कार किये पूरे 13 ,और डॉ अंजत ने कहा था की जयपुर जाओ तो साथ चलेंगे सुबह ही मैं दुविधा में था की जाये या न जाएं क्योंकि काफि पैसे बाकी थे एड इत्यादि के तो मन डावाडोल हो रहा था फिर बुआ ने कहा की साथ चलेंगे तो मैंने सोचा शाम को ही चल लेंगे फिर 9:30 बजे ऑफिस आया वही पे आज सन्देश भी आया हुआ था तो उसके साथ बैंक और टेलेफोबे एक्सचेंज के एक दो काम हेतु गया, फिर वो 12 बजे घर चला गया, मैंने भी करीब 1 बजे से इंटरनेट रिसर्च करना प्रारम्भ कियाअ , कुछ कोरल इत्यादि एवं आधार इत्यादि का काम था ,फिर घर गए खाना खाने, वापस आये 3 बजे और आकर टाटा स्काई का रिचार्ज करवाया, वो दूसरी आईडी पर हो गया, फिर शाम को महालक्षमी ट्रेड फेयर वाले के गए उससे एड के लिए बात करनी थी, हो गयी उसने एड एवं कवरेज दोनों के लिए कह दिया था,वापस घर आ गए और आज ही जयपुर जाना था पर लेट होने की वजह सेकार्यक्रम कैंसिल कर दिया , 7 बज गए थे इसलिए थोड़ी देर डब स्मैश पर गब्बर की मिमिक्री की
आके थोड़ी देर मोबाइल पर स्टोरी पढ़ी और बातें करते हुए करीब 11:20 पर सो गए।
Sunday, January 17, 2016
15 जनवरी शुक्रवार
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