आज सुबह 7:50 बजे जागरण
नहा धो के तैयार हो के करीब 9 बजे नीचे गया फिर 10 बजे जोहरी भवन गया।
वहां ब्राह्मण युथ क्लब द्वारा आयोजित शिविर में थोड़ी देर के लिए उपस्थिति दी ।
फिर आकर थोड़ी देर कोरल ड्रा पर डिज़ाइन बनायीं । करीब 12 बजे बैंक जाकर क्रेडिट कार्ड और सूर्योदय टुडे का विज्ञापन का पैसा जमा करवाया।
वापस आकर करीब 1 बजे दिवेश आया , फिर वापस धनोप माताजी गया, तब तक थोड़ी बहुत डिज़ाइन बनायीं और फिर 2:30 बजे तक बातचीत चलती रही ।
आकर करीब 3 बजे दिवेश के साथ थोडा घूमने गया, उसने अपने मामा बनने की ख़ुशी में मिठाई खिलाई और फिर हम थोड़ी देर घूमने गए , काफी देर तक कैरियर को लेकर बातें चली उसने मुझे बिजयनगर छोड़ के जाने की राय दी जिसमे जयपुर ही सेटअप के लिए बात हुयी।
फिर हमने चौधरी के ढाबे पर दाल बाटी चूरमा खाया। और 5 बजे वो मुझे छोड़ कर अजमेर चला गया।
5 बजे से 9 बजे तक न्यूज़, एड की डिज़ाइन आदि काम चलते रागे , फिर 9:30 बजे घर पे आये ।
और करीब 10 बजे सोनम को फ़ोन लगाया
उसकी तबियत ख़राब थी, पर थोड़ी देर बात करते करते घर के कामो को लेकर उससेछोटा मोटा झगड़ा हो गया , फिर मैंने उसको वापस फ़ोन लगाया ,10-15 बार लगाने के बाद उसने उठाया और कहबे लगी लेक्चर मत दिया करो
मैंने उसे केवल कंप्लेंट नहीं करने के लिए कहा था पर वो जिद्दी पर अड़ गयी बोली माफ़ी नहीं मांगूंगी। मैंने भी बात न करने के लिए कहकर फ़ोन रख दिया। अब सुबह देखेंगे क्या होता है।
वैसे मैं भी लड़ाई करना नहीं चाहता था पर वो भी मुँहफट है, मर्ज़ी आये जो बोल जाती है।
पता नाही घर के कामों से इतनी frustate क्यों है, मैंने उसको कहा जितना काम हो सके उतना कर लिया कर ,पर वो इतनी ज्यादा फ्रसस्ट्रेशन में है की बात सुनने को ही तैयार नहीं है।
खजियार मैंने फ़ोन रख दिया अब बाद में बात करेंगे।
अब लिख के फ्री हुआ हूँ । थोड़ी देर में सोने की तैयारी है।
जय जय श्री राधे कृष्ण
शुभ रात्रि।
Saturday, January 2, 2016
2 जनवरी 2016
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